Couples Retro

पार्टनर के साथ रिलेशनशिप रेट्रोस्पेक्टिव कैसे करें

रात में हॉलवे के कॉर्क बोर्ड पर पेस्टल पीले और गुलाबी स्टिकी नोट्स लगाते दो लोगों के हाथ

रिलेशनशिप रेट्रोस्पेक्टिव का मतलब है पार्टनर के साथ नियमित रूप से पिछले हफ़्ते या महीने पर नज़र डालना, तीन सवालों के साथ: क्या अच्छा रहा, क्या ठीक नहीं रहा, और आगे हम क्या चाहते हैं। आप दोनों अपने जवाब अलग-अलग लिखते हैं, तय समय पर शेयर करते हैं, हर एक पर बात करते हैं, और अगले दौर के लिए किसी छोटे बदलाव पर सहमत होते हैं।

यह आइडिया सॉफ़्टवेयर टीमों से आया है, जो हर स्प्रिंट के आख़िर में एक "रेट्रो" करती हैं। कपल्स के लिए यह फ़ॉर्मेट उसी वजह से काम करता है जिस वजह से ऑफ़िस में: इससे बातें रखने के लिए एक नियमित, पहले से पता जगह मिल जाती है, ताकि वे डिशवॉशर पर हुई बहस में टेढ़े तरीक़े से बाहर न आएँ।

कपल रेट्रो के तीन कॉलम

टीम रेट्रो कई तरह के होते हैं (start/stop/continue, mad/sad/glad), पर सबसे सीधा वाला रिश्ते में सबसे अच्छा बैठता है:

  • क्या अच्छा रहा: वे पल जो आपको अच्छे लगे, पार्टनर की वे बातें जिन पर आपने ग़ौर किया, छोटी-छोटी जीतें।
  • क्या ठीक नहीं रहा: जो बातें चुभीं, खटकीं या अजीब लगीं। उस पल के बारे में और आपको कैसा लगा, उसके बारे में लिखी हुई।
  • आगे हम क्या चाहते हैं: आने वाले हफ़्ते या महीने के प्लान, गुज़ारिशें और आइडिया।

अलग-अलग लिखना क्यों ज़रूरी है

अगर आप बिना तैयारी बैठकर पूछते हैं "तो, हफ़्ता कैसा रहा?", तो जो पहले बोलता है वही एजेंडा तय कर देता है और दूसरा बस रिएक्ट करता है। अलग-अलग लिखने से दोनों अपनी-अपनी लिस्ट लेकर आते हैं, और कम बोलने वाले पार्टनर की बातों को भी उतनी ही जगह मिलती है जितनी ज़्यादा बोलने वाले की।

इससे याददाश्त की दिक़्क़त भी ठीक होती है। बुधवार रात लिखा गया नोट ("आपने मेरे कहे बिना मम्मी को उनके बर्थडे पर कॉल किया, बहुत अच्छा लगा") रविवार तक जो याद रहता उससे कहीं ज़्यादा साफ़ और दिल से होता है।

खुलने के समय तक नोट्स सील रखिए

रिलेशनशिप रेट्रो को शांत बनाने वाली तरकीब है इंतज़ार। अगर आपका पार्टनर मंगलवार रात 11 बजे पढ़ ले कि "मंगलवार को डिनर पर मुझे नज़रअंदाज़ महसूस हुआ", तो झगड़ा तो होगा ही। अगर वही बात वे रविवार शाम चाय के साथ पढ़ें, साथ में तीन ऐसे नोट्स के साथ जिनमें लिखा हो कि आपको उनकी क्या बातें अच्छी लगीं, तो वह बस जानकारी की तरह पहुँचती है।

Couples Retro की जान यही है। नोट्स उस समय तक सील रहते हैं जो आप दोनों ने चुना है। उससे पहले आपका पार्टनर देख सकता है कि आपने चार नोट्स लिखे हैं, पर उनमें क्या लिखा है, कभी नहीं। तय समय पर बोर्ड दोनों के फ़ोन पर एक साथ खुलता है।

फ़ुल स्क्रीन में खुला जोना का एक नोट, साथ में “बहुत पसंद आया”, “शुक्रिया”, “सहमत” और “बात करते हैं” रिएक्शन बटन और “बात हो गई” बटन
किसी भी नोट पर टैप करके बहुत प्यारा, शुक्रिया, सहमत या बात करते हैं से रिएक्ट कीजिए, फिर उसे बात हो गई मार्क कीजिए।

रेट्रो कैसे चलाएँ

एक-एक कॉलम करके चलिए। पहले अच्छे नोट्स पढ़िए और उनके लिए शुक्रिया कहिए, ज़ोर से या एक झटपट रिएक्शन से। फिर मुश्किल नोट्स एक-एक करके लीजिए। जिसने लिखा है वह एक-दो लाइन में समझाए, दूसरा सुने और जवाब दे। जब दोनों अपनी बात कह लें, तब उसे पूरा मार्क कीजिए।

आख़िर में आगे हम क्या चाहते हैं पर आइए। एक-दो ऐसी चीज़ें चुनिए जो आप सच में करेंगे, बाकी बाद के लिए छोड़ दीजिए। जिन नोट्स तक आप नहीं पहुँचे, वे नाकामी नहीं हैं। उन्हें अगले हफ़्ते के बोर्ड में ले जाइए और वहीं से शुरू कीजिए।

हर हफ़्ते या हर महीने रेट्रोस्पेक्टिव?

हफ़्ते वाले रेट्रो छोटे होते हैं, 15 से 30 मिनट, और छोटी-मोटी खीज को जमा होने नहीं देते। महीने वाले रेट्रो में ज़्यादा समय लगता है, पर दूरी और बड़ी तस्वीर ज़्यादा मिलती है। कई कपल हफ़्ते से शुरू करते हैं और फिर जो रफ़्तार टिक जाए, उसी पर आ जाते हैं। लंबे वर्ज़न के लिए हमारी गाइड महीने का रिलेशनशिप चेक-इन पढ़िए।

जो भी चुनें, हर पुराना रेट्रो सँभालकर रखिए। तीन महीने के बोर्ड पीछे स्क्रॉल करना याद दिलाता है कि कितना कुछ अच्छा रहा, ख़ासकर किसी मुश्किल हफ़्ते में।

29 सितंबर से 5 अक्टूबर का पिछला Couples Retro बोर्ड, 10 में से 9 नोट्स पर बात हो गई
हर पुराना बोर्ड आप दोनों के लिए सँभाला रहता है, साथ में यह भी कि कितने नोट्स पर बात हुई।

लोग ये सवाल पूछते हैं

रेट्रोस्पेक्टिव शब्द कहाँ से आया?

एजाइल सॉफ़्टवेयर टीमें हर काम के दौर के आख़िर में रेट्रोस्पेक्टिव करती हैं, यह देखने के लिए कि क्या अच्छा रहा और क्या बदलना है। कपल्स ने यह फ़ॉर्मेट इसलिए अपनाया क्योंकि इससे मुश्किल बातों को एक नियमित, पहले से पता जगह मिलती है।

अगर हम में से एक, दूसरे से कहीं ज़्यादा नोट्स लिखे तो?

यह आम बात है, ख़ासकर शुरू में। हर नोट पर बात कीजिए, पर गिनती मत कीजिए। जो पार्टनर कम लिखता है, उसे अक्सर तब आसान लगने लगता है जब वह देखता है कि रेट्रो शांत ही रहता है।